Friday, March 20, 2026

महाबीर बिनवउँ हनुमाना। राम जासु जस आप बखाना॥ प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ग्यानघन। जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥