Monday, February 23, 2026

सती मरनु सुनि संभु गन लगे करन मख खीस। जग्य बिधंस बिलोकि भृगु रच्छा कीन्हि मुनीस॥६४॥ समाचार सब संकर पाए। बीरभद्रु करि कोप पठाए॥ जग्य बिधंस जाइ तिन्ह कीन्हा। सकल सुरन्ह बिधिवत फलु दीन्हा॥