GLORY OF LORD RAMA




Sunday, November 30, 2025

होइ न मृषा देवरिषि भाषा। उमा सो बचनु हृदयँ धरि राखा॥ उपजेउ सिव पद कमल सनेहू। मिलन कठिन मन भा संदेहू॥