GLORY OF LORD RAMA




Wednesday, January 28, 2026

साधु सुजान सुसील नृपाला। ईस अंस भव परम कृपाला॥ सुनि सनमानहिं सबहि सुबानी। भनिति भगति नति गति पहिचानी॥ यह प्राकृत महिपाल सुभाऊ। जान सिरोमनि कोसलराऊ॥ रीझत राम सनेह निसोतें। को जग मंद मलिनमति मोतें॥