GLORY OF LORD RAMA




Sunday, January 4, 2026

भाव भेद रस भेद अपारा। कबित दोष गुन बिबिध प्रकारा कबित बिबेक एक नहिं मोरें। सत्य कहउँ लिखि कागद कोरे भनिति मोरि सब गुन रहित बिस्व बिदित गुन एक। सो बिचारि सुनिहहिं सुमति जिन्ह कें बिमल बिवेक॥