GLORY OF LORD RAMA




Tuesday, March 17, 2026

बंदउँ चारिउ बेद भव बारिधि बोहित सरिस। जिन्हहि न सपनेहुँ खेद बरनत रघुबर बिसद जसु॥ बंदउँ बिधि पद रेनु भव सागर जेहि कीन्ह जहँ। संत सुधा ससि धेनु प्रगटे खल बिष बारुनी॥