GLORY OF LORD RAMA




Friday, May 8, 2026

तब संकर देखेउ धरि ध्याना। सतीं जो कीन्ह चरित सबु जाना॥ बहुरि राममायहि सिरु नावा। प्रेरि सतिहि जेहिं झूँठ कहावा॥ हरि इच्छा भावी बलवाना। हृदयँ बिचारत संभु सुजाना॥