GLORY OF LORD RAMA




Thursday, February 19, 2026

फिरि चितवा पाछें प्रभु देखा। सहित बंधु सिय सुंदर वेषा॥ जहँ चितवहिं तहँ प्रभु आसीना। सेवहिं सिद्ध मुनीस प्रबीना॥ देखे सिव बिधि बिष्नु अनेका। अमित प्रभाउ एक तें एका॥ बंदत चरन करत प्रभु सेवा। बिबिध बेष देखे सब देवा॥