GLORY OF LORD RAMA




Tuesday, February 17, 2026

संभुगिरा पुनि मृषा न होई। सिव सर्बग्य जान सबु कोई॥ अस संसय मन भयउ अपारा। होई न हृदयँ प्रबोध प्रचारा॥ जद्यपि प्रगट न कहेउ भवानी। हर अंतरजामी सब जानी॥