GLORY OF LORD RAMA




Sunday, April 12, 2026

रचि महेस निज मानस राखा। पाइ सुसमउ सिवा सन भाषा॥ तातें रामचरितमानस बर। धरेउ नाम हियँ हेरि हरषि हर॥ रामचरितमानस एहि नामा। सुनत श्रवन पाइअ बिश्रामा॥